Wednesday, October 26, 2011

05-July-2011


Q:मैं अक्सर अपने दोस्तों फैमली मेम्बेर्स और दूसरे लोगों के साथ भी बेहतर behave करता हूँ.उनकी गलतियों को भी ignore कर देता हूँ, लेकिन कभी कभी मैं बहुत irritate हो जाता हूँ.  मैं जानता हूँ  कि मुझे irritate नहीं होना चाहिए लेकिन अच्छे होने की responsibility केवल मेरी ही क्यों है?
दीपक मेरठ
A:एक कहानी है कि एक सांप गाँव के रास्ते में सबको काटता था. गाववालों ने एक संत से मदद मांगी. वे सांप के पास गए और किसी को काटने से मना कर दिया. अब सांप के साथ गाव के बच्चे बुरा सुलूक करने लगे- वे उस पर पत्थर फेक कर तंग करते थे. परेशान होकर सांप संत के पास आया तब संत ने उससे कहा तुझे काटने के लिए मना किया था फुंफकारने के लिए नहीं. यदि आपके साथ कोई बार-बार बुरा सुलूक करे तो आप बाहर से अपनी नाराजगी दिखा सकते हैं परन्तु अंदर से कूल रहिये.

Q: मैं अपने जॉब को लेकर इन दिनों थोड़ी टेंशन में हूँ. मैं फैमली मेम्बेर्स को ये बात बताना नहीं चाहता हूँ, लेकिन टेंशन कि वजह से बात-बात में गुस्सा हो जाना आम बात हो गई है. लोगों को भी मुझ पर शक हो रहा है कि मैं कुछ छुपा रहा  हूँ. Solution तो मैं निकाल लूँगा लेकिन तब तक मैं खुद को नोर्मल कैसे रखु?
पवन वाराणसी
A:अपनों के साथ या अनुभवी बुजुर्गों के साथ अपने दर्द को बांटने से वह कम हो जाता है. आप बात को छुपा कर शायद उनको दुखी नहीं करना चाहते परन्तु आप का गुस्सा उनको दुःख ही दे रहा है. अगर आप किसी को नहीं बता सकते तो कुछ शारीरिक व्यायाम करिये और संगीत सुनिए या गाइए.

Q:मैं और मेरी wife दोनों working  हैं. ऐसे में अपने ७ साल के बचे को वक्त नहीं दे पातें. वह बहुत नाराज रहता है. हम भी कूद irritate हो जातें हैं. इस situation को कैसे handle करें?
पंकज जमशेदपुर
A:समय की Quantity नहीं दे सकते तो उसकी Quality को बेहतर करिये. जितना भी समय आप बच्चे के साथ रहे तो उसको अपना पूरा attentionदीजिए. बच्चे की activity का timetable बनाइये – जिसमें रोजाना कम से कम एक घंटे का शारीरिक खेल कूद शामिल रहे. उसको कुछ छोटी सी जिम्मेदारी भी दीजिए. यदि संभव हो तो पालतू जानवर भी रख सकते हैं. छुट्टी के दिन Outing या मनोरंजन का प्लान बच्चे के साथ पहले से हीdiscuss कर के बना लीजिए.

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