28-Jun-2011
मैं करना बहुत अच्छा चाहता हूँ लेकिन करने में निराश हो जाता हूँ और वो काम भी नहीं हो पाता है. मुझे शक होता है कि मैं आगे जा पाउँगा कि नहीं. ये मेरी निराशा है या मेरे अन्दर कांफिडेंस की कमी. अब मुझे क्या करना चाहिए , प्लीज़ बताइए?
Raunak Jaiswal, Kanpur
A: आत्मसंशय के साथ काम करना मुश्किल है. पोजिटिव सोच के साथ ही सफलता मिलती है. तीन स्तरों पर हमको विश्वास होना चाहिए – पहला अपने ऊपर, दूसरा अपने टीम पर या समाज पर, और तीसरा प्राकृतिक शक्तियों पर. प्राणायाम से नेगेटिव विचार कम हो जाते हैं.
मुझसे ज्यादातर लोग नाराज रहतें हैं , मैं थोड़ा reactive जरूर हूँ लेकिन मुझे नहीं लगता की मैंने किसी के साथ बुरा behave किया है . अभी मेरा best friend मुझसे नाराज होकर चला गया . मुझे समझ नहीं आता कि गलती कहाँ हो रही है.
Abhishek Sharma, Allahabad
A: पहले यह सोचना छोड़ दीजिए कि ज्यादातर लोग आपसे नाराज़ रहते हैं - जैसी दृष्टि वैसी सृष्टि. अपने को सही साबित की कोशिश करने से सम्बन्ध और बिगड़ते ही हैं. उनको मनाने के लिए सभी तरकीबों का इस्तेमाल करें. दिल से कहा गया सॉरी काम बना देता है. React करने से पहले ४-५ लंबी गहरी साँसे लें.
Spiritual होना really है क्या ? क्या routine work में ये हमारी help कर सकता है ?
Vivek Rai, Jamshedpur
A: दिल से मुस्कुराना, सब के लिए करुणा रखना, शांत रहना spiritual होना है. किसी रीति रिवाज़ को spirituality नहीं समझना चाहिए. विज्ञान मायने बाहरी ससार को जानना, अध्यात्म मायने अपने अंदर के संसार को जानना – अपनी चेतना को समझना. यह समझना कि एक ही शक्ति इस पूरे universe को चला रही है. मानवीय मूल्यों का आधार spirituality ही है जो हमारे routine work को easy कर देती है.
Labels: Spirituality Anger Confidence

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